टॉप 10 आईएएस ऑफिसर्स से मिलें,जिनके काम से देश को गर्व है

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आज की यह पोस्ट टॉप 10 आईएएस ऑफिसर्स से मिलें,जिनके काम से देश को गर्व है  इसके बारे बनाई गयी है, दोस्तों आज की पोस्ट में हम आपको टॉप 10 आईएएस ऑफिसर्स के बारे में बताने जा रहे है जिनकी वजह से आज भी देश को उनपर गर्व है, हम आपको उनके बारे किये गए कार्य के बारे में बतायेगे की उन्होंने ऐसा क्या कार्य किया है जिसकी वजह से देश को उनकर पर इतना गर्व है,

इससे पहले हम कुछ अपनी परसनल लाइफ के बारे बात कर लेते है, अगर आप इस पोस्ट से संतुष्ट है तो आप शुरू से लेकर अंत तक इस लेख से जुड़े रह सकते वरना आप पूरी जानकारी प्राप्त करके जा सकते हो, दोस्तों हम सब जानते है की हर स्टूडेंट का सपना होता है की वह किसी अच्छी पोस्ट पर नौकरी करे और देश का नाम और साथ साथ ही अपने माता पिता का भी नाम गर्व से ऊँचा करे इसी को ध्यान में रखते हुए आज की यह पोस्ट आपके लिए लेकर आये है इस मोटिवेशनल पोस्ट से सायद आपको लाइफ में कुछ करने का मन करे और आप और अपने सपने की और अधिक मेहनत करे और अपनी पोस्ट हासिल करे, तो दोस्तों शुरू करते है 10 आईएएस ऑफिसर्स से मिलें,जिनके काम से देश को गर्व है आज की इस पोस्ट के बारे में कृपा करके लेख के अंत तक जुड़े रहे।

टॉप 10 आईएएस ऑफिसर्स से मिलें,जिनके काम से देश को गर्व है

अब बात करते है टॉप 10 आईएएस ऑफिसर्स से मिलें,जिनके काम से देश को गर्व है ऑफिसर्स के बारे में जिससे आपको भी उनके काम के बारे में पता चल सके।

1, (आर्मस्ट्रांग पाम)

आपको बता दे की मणिपुर में मिरेकल मेन से बहुत ज्यादा लोकप्रिय होने वाले आईएएस ऑफिसर्स अधिकारी आर्मस्ट्रांग पाम की प्रसीदी की पहली चर्चा तब हुई जब सरकार के बिना मदद ही उनके कार्यकाल में (2012) में राज्य में (100) किलोमीटर लम्बी संड़क का निर्माण किया गया

अगस्त का महीना (2012) में (आर्मस्ट्रांग पाम) ने फेसबुक के जरिये इस कार्य के लिए (40 लाख) रुपय ईकटा किए और दान स्वयसेवको के साथ मिलकर निर्माण में उनके प्रयासों के लिए उन्हें अमेरिका के कैलिफोनिया में स्थित फेसबुक मुख्यालय में आमंत्रित किया था

2, (तुकाराम मुंडे)

भारत के प्रशासनिक सेवा अधिकारी (तुकाराम मुंडे) जी के उनकी (13) साल की (IAS) सेवा में उनकी कर्तव्यनिष्ठा और कर्तव्य के कारण कई बार तबादले किए गए है फिर उसके बाद (2005) बेच के इन (IAS) अधिकारी को वर्तमान में नाशिक महानगरपालिका में कमिश्नर का पद मिला

3,(रितु माहेश्वरी)

आईएएस अधिकारी रितु माहेश्वरी चालीस वर्षीय को जब कानपुर में चल रही बिजली चोरी के बारे पता चला तो उस समय वह उत्तर प्रदेश में तैनात थी।

हालांकि 99% उत्तर प्रदेश के गावो में विद्युकरन हो गया था और करीब 60% प्रतिशत ही घरो में बिजली मिलती थी जिस कारन बिजली का उत्पादन होता था। इसके कारन अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता था इलेक्ट्रसिटी सफ्लाई कम्पनी कानपुर में काम करते हुए बिजली की चोरी का अंकुश लगाने के लिए बिजली का डिजिटल उपकरण करके कपनी के नुकशान को कम करने के उपाय कर रही थी 

4,(IAS Officer) अशोक खेमका

अब बात करते है (IAS Officer) अशोक खेमका की बेच (1991) के आईएएस ऑफिसर है और इनका 23 साल में 45 बार तबादला हो चूका है, जानते है इनका इतनी बार तबादला किस कारण से हुआ है, कोंग्रेश सोनिया गांधी के दामाद और उनके दोस्त रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ  के अवैध करोड़ो के रुपय के जमीन का सोडा रद्द कराने के लिए प्रसीद है हरियाणा के बीज और विकास निगम एचएसडीसी में तैनात अशोक खेमका ने गेहू के बीज की बिक्री से सबंधित अनियमितताओं का खुलासा किया था इस कारण से उनका वह से तबादला करा दिया गया और आगे भी उन्होंने कई बार गैर कानूनी चल रहे काम को रुकवाया जिसके कारण उनका कई बार तबादला हुआ।

5,(IAS त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी) 

त्रिलोकी नाथ चतुवेर्दी (सन 1929/ 18 जनवरी और 5 जनवरी 2020) (IAS भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे फिर उसके बाद (2002-2007) में कर्नाटक में 14 वे राज्यपाल रहे थे 

त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी (18 जनवरी 1929 – 5 जनवरी 2020), भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक अधिकारी थे और 2002-2007 तक कर्नाटक के 14 वें राज्यपाल थे।

IAS) सेवा की बाद  चतुर्वेदी जी ने (सन 1984 से लेकर 1989 तक भारत में महालेखा परीक्षा का पद सभाला था फिर उसके बाद (सन 1991) में उनको विभूषण से सम्मानित किया था फिर उसके बाद (सन 2002/22 अगस्त में वो कर्नाटक के राज्यपाल बने थे।

त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी  ने विशविद्यालय इलाहाबाद से शिक्षा प्राप्त की और एमए एलएलबी की डिग्री भी वही से प्राप्त की और (सन 1950 में) भारतीय (IAS) सेवा में शामिल हुए। और फिर उनको राजस्थान कैडर आवंटित किया गया था और दो दशक पहले सेवानिवृत्त होने से ठीक पहले उन्होंने केंद्रीय ग्रह सचिव और सहित सरकार के कई पदों पर कार्य किया था।

6, (IAS) स्मिता सभरवाल: 

(IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल) मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला थी। अगर ऐसा कहा जाए की वह सबके लिए एक प्रेणा के रूप में थी। अधिकारी स्मिता जी का मानना ये था की हर किसी को समाज के लिए कुछ ना कुछ करना ही चाहिए। और आज के युवाओ  को सिविल सेवा के माध्यम से बहुत कुछ करना चाहिए।

(IAS स्मिता जी फंड और सिटी परियोजना के लिए सबसे ज्यादा जानी जाती थी वो इस लिए कयोकि वह नगर आयुक्त वारगल के रूप और कार्यकाल के दौरान जानी जाती थी। और वहा सार्वजनिक निजी भागीदारी द्वारा सबसे बड़ी संस्ख्या में सार्वजनिक उपयोगिताओं द्वारा ट्रेफिक जक्शन, फुट , ओवर ब्रिज, बस स्टाप, पार्क आदि बनाये गए थे

7, (IAS टीवी अनुपमा) 

अब जानते (IAS अधिकार टीवी अनुपमा) जी के बारे में दोस्तों आपको बता दे की यह वर्तमान में करेल खाद्य सुरक्षा में इनकी पोस्ट है, और उसी के दौरान जब उनको पता चला की अपने कार्यकाल मिलावटी खाद्य पदार्थो के अवैध व्यापार चल रहे है तो उन्होंने राज्य में कई जगह छापे मारे और ऐसे कई जगह चल रहे नेटवर्क को भी बंद कर दिया।

और फिर कई जगह और चल रहे अवैध व्यापार पर भी छापे मारे और उन्होंने खुलासा किया की सब्जियों और फ्लो में कीटनाशक की मात्रा सिमा (300) प्रतिशत जे ज्यादा है और अपने कार्यकाल के दौरान अदालत में मिलावटी खाने के लगभग 6,000 नमूनों को जब्त किया और अदालत में पेश कर दिया उन्होंने व्याप्यारिओ के खिलाफ कोर्ट के अंदर कम से कम 750 मुकदमे दर्ज कराये थे।

8, (IAS विनोद राय) 

अब बात करते है (IAS अधिकारी विनोद राय) जी की आपको बता दे की यह एक (1972) के (IAS) अधिकारी है, और इन्होने अपना करियर त्रिशूर जिले के कलेक्टर के रूप में शुरू किया था और विनोद राय जी ने (8 वर्षो ) तक त्रिशूर जिले की सेवा की और उस शहर के विकाश के लिए उनकी भूमिका के रूप में उन्हें दूसरा थरपूर्ण का उपनाम दिया गया था

हालांकि विनोद राय जी की सेवा अपने त्रिशूर जिले के प्रतीत अच्छी रही थी, और फिर उनको सन (2008) में भारत के नियत्रक एवं महालेखा परीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था । और उसी कारण श्री विनोद जी राय ने अपनी भूमिका का एक अच्छे (IAS अधिकारी होने के कारण उन्होंने चल रहे कोल- गेट के सबसे बड़े भ्र्ष्टाचार और घोटालो को उजागर करने में सबसे अच्छी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी

9, (IAS एस. आर. शंकरनी

अब बात करते है सबसे महान अधिकारी जी की जिनकी लाइफ में कई बड़े बड़े खतरों का सामना करना पड़ा था। आज हम आपको इनके बारे कुछ मत्वपूर्ण खबर बताने जा रहे है, शुरू करते है,
(IAS एस आर शंकरनी जी एक अधिकारी है जो  मजदूरों की बंधुआ मजदूरी को दूर करने के प्रयासों से कारण आज भी वहा के लोग इनको एक आईएएस अधिकारी के रूप में जानते है। और इसके साथ साथ ही उनको सामान्य रूप से गरीबो की अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों के हित में बोलने वाले और सही को सही और गलत को गलत बताने वालो में से एक थे जिससे वहा के लोग उनसे प्रस्न हुआ करते थे वो हमेशा हित के लिए आवाज उठाया करते थे और उनका यही काम जनता को और भी प्रिय बनाता गया। और इसके साथ साथ ही उनको दोस्तों के रूप में कई दुश्मन भी मिले जिसके कारण उनको पीपुल्स वार ग्रुप के बदमाशों ने पकड़ लिया था,।

10,(IAS बी चंद्रकला

अब हम बात करते है (IAS अधिकारी श्री चंद्रकला जी की यह (2008) में उत्तर प्रदेश की (IAS) अधिकारी बनी थी। और यह बुलंदशहर जिले की मजिस्ट्रट के रूप में भी जानी जाती है, आपको बता दे की (IAS) चंद्रकला जी इतनी लोकप्रिय क्यों है, यह सरकारी कामकाज और भ्र्ष्टाचार अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के कारण लोकप्रिय थी। और सरकारी एवं राजनेताओ को सार्वजनिक रूप से बेनकाब करने के लिए भी जानी जाती थी। जो कोई भी अपने अधिकारी का उपयोग अच्छे कार्य के लिए नहीं करता था तो यह उसके खिलाफ खड़ी हो जाती है जिसके कारण कई लोगो से इनकी दुश्मनी भी हुई थी और इनको कई बार मुस्किलो का सामना करना पड़ा यह एक देश के लिए बहुत लोकप्रिय (IAS) अधिकारी है

दोस्तों आज की इस जानकारी को में अब यही विराम देना चाहुगा अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो आप इसको अपने दोस्तों के साथ साझा जरूर करे और उनको भी मोखा दे की वह इस महत्वपूर्ण जानकारी तक आ सके और पूरी जानकारी प्राप्त कर सके। दोस्तों जैसा की आप सभी को पता ही है हम आपके लिए रोज कई सब्जेक्टो की पीडीऍफ़ और उनकी जानकारिया लेकर आते रहते है। जिससे आपको आपके आने वाले एक्साम्स में किसी तरह की परेशानी ना आये और आप अपने एग्जाम की अच्छे से तैयारी कर सको।

दोस्तों हमारी पूरी टीम आपके उज्वल भविष्य के लिए दिन रात कार्य करती है, अगर आपको किसी भी तरह की परेशानी आती है तो आप बिना झिझके कमेंट करके अपना सुझाव दे सकते है, क्युकी आपके सुझाव से ही हम आगे और स्टिक जानकारी और पीडीऍफ़ लेकर आ सकते है

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