Hindi Grammar Lucent Book PDF

0

important Hindi Grammar Lucent Book PDF

हेलो फ्रेंड आपका wifistudypdf.com पर तह दिल से स्वागत है आज हम आपके लिए Hindi Grammar Lucent Book PDF लेकर आए है जो आपकी आने वाली सभी तरह की परीक्षाओ के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है मेरे प्यारे मित्रो आपको बता दे की यह website wifistudypdf.com आपके स्टडी मेटेरियल के बनाई गयी है यहाँ से आप किसी भी सरकारी एग्जाम से सबंधित जानकारी या किसी भी सब्जेक्ट से सबंधित पीडीऍफ़ प्राप्त कर सकते हो दोस्तों टाइम खराब किये बिना स्टार्ट करते है।

आज की यह Hindi Grammar Lucent Book PDF हिंदी से सबंधित बनाई गयी है जो आपके लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है और यह आपके आने वाले एग्जाम जैसे की SSC, UPSC, CGL, police ,Railway Bank, Defence exam, , patwari, , Clark और भी अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओ के लिए यह Hindi Grammar Lucent Book PDF बहुत ही ज्यादा लाभ धायक है,

Hindi Grammar Book PDF

अगर आप सभी को इस पीडीऍफ़ में किसी प्रकार की भी परेशानी आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते हो हम आपकी सहायता जरूर करेंगे और हमे आपकी सहायता करने में बहुत ही ज्यादा खुसी प्राप्त होंगी, हमारी पूरी टीम आपके उज्वल भविष्य के लिए दिन रात कार्य करती है, अगर आपको यह पीडीऍफ़ पसंद आई हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साझा जरूर करे

Hindi Grammar Lucent Book Details

  • Nema Book, Hindi Grammar Lucent Book 
  • Pages Total; 220
  • Size PDF; 30 mb
  • Language; Hindi Credit : Publication Lucent

Hindi Grammar Lucent Book Topic

भाषा हिंदी : मुख्य तथ्य

  • विकास हिंदी भाषा का
  • संग्राम के दौरान हिंदी भाषा का राष्ट्रभाषा के रूप में विकास
  • हिंदी राज भाषा का सवणत्रा के रूप में विकास 
  • उपभाषा एंव हिंदी भाषा की बोलिया
  • लिपि देवनागरी
  • भाषा हिंदी का मानकीकरण
  • हिंदी सम्मेलन विश्व

Hindi Grammar Lucent Book PDF Download

Download

हिंदी शब्द की उत्पति: 

हिंदी शब्द की उत्पति भारत के उत्तर पशिचम में प्रवहमान सिंधु नदी से सबंधित है। की अधिकांश विदेशी यात्री और आक्रांता उत्तर -पश्चिम  सिंहद्वार से ही भारत आए । भारत में आनेवाले इन विदेशियों ने जिस देश के दर्शन किए वह सिंधु का देश था ईरान (फ्रांस) के साथ भारत के बहुत प्राचीन काल से ही सबंध थे और ईरान और सिंधु को हिन्दू कहते थे ।

खड़ी बोली:

भारतेन्दु- पूर्व युंग: कड़ी बोली गंध के आरंभिक रचनाकारों में फोर्ट विलियम कालेज के बाहर के दो रचनाकारों – सदासुख लाल नियाज (सुखसागर) व इंशा अल्ला खा (रानी केतकी की कहानी) तथा फोर्ट विलियम कालेज कलकता के दो भाषा मुंशियो -लल्लू लालजी (प्रेम सागर) व सदल मिश्र (नसिकेतोपाख्यान) के नाम उल्लेखनीय है।

आर्य समाज:

(1875 ई) के संस्थापक दयांनद सरस्वती गुजराती भाषा थी एंव गुजराती व संस्कृत के अच्छे जानकार थे। हिंदी का उन्हें सिर्फ कामचलाऊ ज्ञान था पर अपनी बात अधिक लोगो तक पहुंचाने के लिए तथा देश की एकता को मजबूत करने के लिए उन्होंने अपना सारा धार्मिक साहित्य हिंदी में लिखा ।

हिंदी का उसकी बोलियों में रूपांतरण:

हिंदी: किसी मनुष्य के दो पुत्र थे उनमे से छोटे ने पिता से कहा की पिता अपनी सपंति में से जो मेरे अंश होता हैं वो मुझे दीजिए । तब उन्होंने उनमे अपनी सपंति बाँट दी । कुछ दिन बाद छोटा पुत्र सब कुछ इकट्टा करके दूर देश चला गया और वंहा लुच्चेपन में दिन बिताते हुए अपनी उड़ा दी

आधुनिककालीन हिंदी:

(19) सदी के मध्य तक अंग्रेजी सता का महत्व विस्तार भारत में हो चूका था।

मेरे प्यारे मित्रो आगे की इस लेख से सबंधित पूरी महत्वपूर्ण जानकारिया आपको इस लेख की पीडीऍफ़ के अंदर मिल जायेगी जो हमने ऊपर लिंक आपके लिए प्रवाइड करा दी है हम आपसे आशा करेंगे की आपको यह पोस्ट पसंद आएगी अगर आपको किसी तरह की भी परेशानी आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते हो हम आपकी सहायता जरूर करेंगे।

दोस्तों यह website सिर्फ आपके स्टडी मेटेरियल के लिए बनाई गई यहाँ से आप किसी भी सरकारी एग्जाम से सबधित महत्वपूर्ण जानकारिया और किसी भी परीक्षा से सबंधित महत्वपूर्ण नोट्स या पीडीऍफ़ प्राप्त कर सकते हो और अपनी आने वाली सभी तरह की परीक्षाओ को और भी आसान बना सकते हो अगर आपको किसी तरह की सरकारी या अन्य परीक्षाओ से सबंधित कुछ पूछना हो या फिर किसी सब्जेक्ट की पीडीऍफ़ लेनी हो तो आप हमे कमेंट कर सकते हो।

इस website पर आपको डेली एग्जाम से सबंधित अपडेट मिलते रहेंगे अगर आपको डेली अपडेट देखने है तो जल्द से इस wifistudypdf.com से जुड़ जाओ जिससे आपको डेली के नए नए अपडेट आपके पीसी फ़ोन, टेबलेट, में नोटविकेशन के द्वारा आपको मिलते रहेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!